दसवीं कक्षा के बाद सही विषयों का चुनाव कैसे करें?

दसवीं कक्षा के बाद सही विषयों का चुनाव कैसे करें - दसवीं कक्षा यानि कि सेकेंडरी क्लास की परीक्षाएँ जैसे-जैसे समाप्ति की तरफ बढती है वैसे-वैसे ही अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ना शुरू हो जाती हैं।

चिंतातुर होनें का मुख्य कारण दसवीं कक्षा के बाद उचित विषयों का चयन करना होता है। अभिभावक इसी सोच विचार और मंथन में मशगूल हो जाते हैं कि बच्चे के लिए किस विषय का चुनाव किया जाए।

यह एक अहम प्रश्न हर अभिभावक के सामने आता है और बहुत से अभिभावक सही विषयों का चुनाव करके उसके भविष्य को सँवार देते हैं जबकि बहुत से अभिभावक इस नाजुक वक्त पर गलत निर्णय लेकर बच्चे के भविष्य को अन्धकार की तरफ धखेल देते हैं।

दसवीं यानि सेकेंडरी कक्षा किसी भी विधार्थी की उम्र का वो नाजुक पड़ाव होता है जहाँ से उसके जीवन की दिशा और दशा तय होती है क्योंकि इसी कक्षा के पश्चात उसे किसी न किसी विशेष विषय का चयन कर आगे पढ़ना होता है।

ज्ञातव्य है कि सेकेंडरी स्तर तक सभी विद्यार्थियों को सभी विषयों के बारे में पढाया जाता है तथा किसी विशेष विषय का चुनाव नहीं करना पड़ता है। हमें दसवीं कक्षा के पश्चात किस प्रकार उचित विषय का चयन करने में योगदान देना चाहिए या फिर चुनाव करना चाहिए।

नीचे कुछ प्रमुख बिंदु दिए जा रहे हैं जिनकी सहायता से आप अपने बच्चे को उचित विषय का चुनाव करने में मदद कर सकते हैं।

हमें यह ध्यान रखना होगा कि भविष्य में पढाई बच्चे को करनी है तो हम विषय का चुनाव करते समय बच्चे की इच्छा को प्राथमिकता देकर निर्णय लें।

विषय का चुनाव करते वक्त ऐसा नहीं हो कि जिसे पढ़ाई करनी है उसकी रुचि अरूचि का ध्यान नहीं रखा जाए। विषय के चुनाव में बच्चे की भी प्रमुख भूमिका होनी चाहिए न कि सिर्फ अभिभावक ही निर्णय लें।

सबसे पहले हमें यह पता करना होगा कि बच्चे की रुचि किस विषय में सबसे ज्यादा है और उसे सबसे अधिक कौनसा विषय पसंद है। कई बार बच्चे की रुचि ऐसे विषय में हो सकती है जिसमे वर्तमान समय में रोजगार की संभावनाएँ कम नजर आती है।

इसमें चिंतित होने की कोई बात नहीं होती है क्योंकि अगर बच्चा अपनी पसंद और रुचि के विषयों को मन लगाकर पढता है तो उस क्षेत्र में भी रोजगार आसानी से मिल जाता है जिसके बारे में हम सोचते हैं कि इसमें रोजगार नहीं है।

दसवीं कक्षा के बाद सही विषयों का चुनाव कैसे करें

अधिकतर अभिभावक कला के विषयों के बारे में ऐसा सोचते हैं कि इनमें कोई रोजगार नहीं होता है और वो अपने बच्चों को सिर्फ डॉक्टर या फिर इंजीनियर ही बनाना चाहते हैं।

जबकि ऐसा नहीं है, कला के विषयों में भी अगर मन लगाकर पढ़ाई की जाये तो इस क्षेत्र में भी वांछित सफलता प्राप्त की जा सकती है।

क्या डॉक्टर और इंजीनियर बनने के अलावा दूसरा रोजगार प्राप्त करने का कोई रास्ता नहीं है? अगर सभी लोग ही डॉक्टर और इंजीनियर बन जायेंगे तो फिर शिक्षक, लेखक, पत्रकार, बैंक प्रबंधक, प्रशाकीय अधिकारी आदि कौन बनेगा? हम इन सभी पदों को कमतर नहीं आँक सकते हैं।

अक्सर अभिभावक बच्चे की इच्छा को दबाकर अपनी इच्छाएँ उस पर थोप देते हैं जिनके परिणामस्वरूप बच्चे को आगे जाकर असफलताओं का सामना करना पड़ता है। पढाई एकाग्रता का विषय है और एकाग्रता अक्सर रूचिकर विषयों में ही बन पाती है।

हर बच्चे की पढ़ने, समझने और एकाग्र होने ही क्षमता अलग-अलग होती है। कुछ बच्चे दृढ निश्चयी होते हैं जबकि कुछ लापरवाह होते हैं। विषय का चुनाव करते समय बच्चे की क्षमताओं का भी उचित मूल्यांकन कर लेना चाहिए और उसे उसकी क्षमताओं के अनुरूप ही विषय दिलवाना चाहिए।

अगर बच्चे को उसकी क्षमता से अधिक कठिन विषय पढ़ना पड़ा तो उसका असफल होना निश्चित है। यह ठीक उसी प्रकार होगा जिस प्रकार कम पॉवर की मोटर को अधिक वक्त तक काम में लेने पर वह जल जाती है।

विषयों का चुनाव करते वक्त हमें सभी विषयों की भलीभाँति जानकारी होनी चाहिए और अगर हमें समुचित जानकारी नहीं है तो हमें किसी करियर काउंसलर की अवश्य मदद लेनी चाहिए। हर विषय में अलग भविष्य और संभावनाएँ होती है जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हमें यह नहीं देखना चाहिए कि कौनसा विषय हमारे बच्चे के लिए उचित है बल्कि यह देखना चाहिए कि हमारा बच्चा कौनसे विषय के लायक है क्योंकि विषय कोई भी हो उसमे अव्वल विद्यार्थी हमेशा सफल होते हैं।

अतः हमें सिर्फ और सिर्फ अपने विषय में अव्वल रहना है, सफलता तो अपने आप कदम चूमेगी। उपरोक्त कुछ बिन्दुओं को ध्यान में रखकर हम अपने और दूसरे बच्चों के विषय चयन में मदद कर उसे आसान बना सकते हैं।

दसवीं कक्षा के बाद सही विषयों का चुनाव कैसे करें? How to choose the right subjects after tenth class?

Written by:
Ramesh Sharma

ramesh sharma pharmacy tree

Keywords - subject selection after class 10, subject selection after tenth, subject selection after tenth class, subject selection after secondary class, subject selection after inter class, subject selection tips, how to choose subject after class 10

Our Other Websites:

Search in Rajasthan www.shrimadhopur.com
Search in Khatushyamji www.khatushyamtemple.com
Buy Domain and Hosting www.www.domaininindia.com
Get English Learning Tips www.englishlearningtips.com
Read Healthcare and Pharma Articles www.pharmacytree.com

Our Social Media Presence :

Follow Us on Twitter www.twitter.com/pharmacytree
Follow Us on Facebook www.facebook.com/pharmacytree
Follow Us on Instagram www.instagram.com/pharmacytree
Subscribe Our Youtube Channel www.youtube.com/channel/UCZsgoKVwkBvbG9rCkmd_KYg

Post a Comment

0 Comments